Monday, April 16, 2012

Love

वो प्यार यूँ करता है संभलने नहीं देता,

फिर दुःख के समन्द्र में उभरने नहीं देता,

उसकी जफा भी मशरूत है वफ़ा के साथ,

वो दर्द तो देता है पर रोने नहीं देता,

जो तोड़ता है दिल तो आंसू भी बहता है,

बर्बाद तो करता है पर उजड़ने नहीं देता,

कैसा ये प्यार मिला है हम को अजीब,

वो आग तो लगता है पर जलने नहीं देता।



By  
Vicky Kumar

Love

वक़्त की रफ़्तार भी जेसे थम सी गयी है,

थम न जाये मेरी सांस काश तुम आ जाओ?

आज कुछ वक़्त के लिए पास मेरे काश तुम आ जाओ?

बोहत तनहा हूँ मैं आज काश तुम आ जाओ?

कभी खुद को इतना कमज़ोर न होने दिया मैं ने,

पर आज बिखर गया हूँ काश तुम आ जाओ?

तुम से मिलते ही मिलता है होसला हर पल मुझे,

चाहिए आज, बाँहों का सहारा काश तुम आ जाओ?

बरसों से जीता आया हूँ बिन तेरे ए जान’इ'वफ़ा,

आज नहीं गुज़र रहा एक पल काश तुम आ जाओ?

वक़्त की रफ़्तार भी जेसे थम सी गयी है,

थम न जाये मेरी सांस काश तुम आ जाओ?



By  
Vicky Kumar