फिर दुःख के समन्द्र में उभरने नहीं देता,
उसकी जफा भी मशरूत है वफ़ा के साथ,
वो दर्द तो देता है पर रोने नहीं देता,
जो तोड़ता है दिल तो आंसू भी बहता है,
बर्बाद तो करता है पर उजड़ने नहीं देता,
कैसा ये प्यार मिला है हम को अजीब,
वो आग तो लगता है पर जलने नहीं देता।
ByVicky Kumar
