थम न जाये मेरी सांस काश तुम आ जाओ?
आज कुछ वक़्त के लिए पास मेरे काश तुम आ जाओ?
बोहत तनहा हूँ मैं आज काश तुम आ जाओ?
कभी खुद को इतना कमज़ोर न होने दिया मैं ने,
पर आज बिखर गया हूँ काश तुम आ जाओ?
तुम से मिलते ही मिलता है होसला हर पल मुझे,
चाहिए आज, बाँहों का सहारा काश तुम आ जाओ?
बरसों से जीता आया हूँ बिन तेरे ए जान’इ'वफ़ा,
आज नहीं गुज़र रहा एक पल काश तुम आ जाओ?
वक़्त की रफ़्तार भी जेसे थम सी गयी है,
थम न जाये मेरी सांस काश तुम आ जाओ?
ByVicky Kumar

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